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Saturday, July 11, 2020

खेत मँइ उखारी

खेत मँइ उखारी आठ आठ हाँत  खूँड़ ठाड़े
चारि बीघा मूंँगफली फूली चली आउति हइ
बाजरा फरो हइ बाली हाँत  हाँत  ऊंँची बढ़ी
हमऊँ चबाउत हइँ चिरइअउँ चबउतीं हइँ
देखि देखि परसन हुइ खेत सकरकंदी को
मूसर सी मोटी बैठि भूमि चिटकाउति हइ
भँइसि हइ बिआनी गाय आजु कल्लि लागि रई
मठा माँगिबे  कउ सची नित्य ललचाउति हइ.

 -पं.तुरंतनाथ शास्त्री,
बाण, हरदोई